पटना में 1986 के 200 रुपये रिश्वत मामले में करीब 40 साल बाद अदालत ने दो सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दोनों पर चार दशक तक मुकदमा चलता रहा।