बिहार में मंत्रियों और हाईकोर्ट जजों के लिए सरकारी गाड़ियों का बजट बढ़ा, अब 37 लाख रुपये तक की कार खरीद सकेंगे

पटना: बिहार सरकार ने मंत्रियों, हाईकोर्ट के जजों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों की खरीद की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है। वित्त विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार अब विभिन्न श्रेणी के अधिकारी पहले की तुलना में अधिक कीमत वाली और आधुनिक सुविधाओं से लैस सरकारी गाड़ियों का उपयोग कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला वाहनों की बढ़ती कीमतों और इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने की नीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

वाहनों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए बदली गई सीमा

राज्य सरकार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में चारपहिया वाहनों की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। साथ ही इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की लागत भी पारंपरिक वाहनों की तुलना में अधिक होती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकारी वाहनों की खरीद की पुरानी सीमा में संशोधन किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत वाहन की ऑन-रोड कीमत के साथ-साथ आवश्यक साज-सज्जा (फिटमेंट और एक्सेसरीज़) का खर्च भी निर्धारित सीमा में शामिल किया जाएगा।

किस अधिकारी के लिए कितनी बढ़ी वाहन खरीद सीमा?

वित्त विभाग के नए आदेश के अनुसार विभिन्न पदों के लिए वाहन खरीद की अधिकतम सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है—

  • मंत्री और हाईकोर्ट के जज: 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 37 लाख रुपये
  • अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव: 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये
  • जिला पदाधिकारी (DM) और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश: 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 22 लाख रुपये
  • पुलिस अधीक्षक (SP): 16 लाख रुपये से बढ़ाकर 18 लाख रुपये
  • अन्य पात्र अधिकारी: 14 लाख रुपये से बढ़ाकर 16 लाख रुपये

इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि नई सीमा लागू होने के बाद अधिकारी अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिक सुरक्षित, आधुनिक तकनीक से लैस तथा पर्यावरण अनुकूल वाहनों का चयन कर सकेंगे।

इसके साथ ही राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक (EV) और हाइब्रिड वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा देना है। अधिकारियों के अनुसार बढ़ती वाहन कीमतों और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए यह फैसला सरकारी वाहन खरीद व्यवस्था को वर्तमान समय के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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