कोयंबटूर, तमिलनाडु: झारखंड की दो युवतियों को तमिलनाडु की KPR Mill Limited (Quantam Krits) फैक्ट्री में जबरन बंधक बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
पोटका प्रखंड के बायंगबिल गांव निवासी कृष्णा जोंको ने उपायुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी पानी जोंको (18 वर्ष) और भांजी सुकवती लेयांगी (18 वर्ष) को जुलाई 2025 में रिश्तेदार के माध्यम से कंपनी में काम करने के लिए भेजा गया था।
परिवार ने बताया कि युवतियों ने कुछ समय काम किया, लेकिन नौकरी छोड़ने की इच्छा जताने पर उन्हें कंपनी प्रबंधन द्वारा रोक लिया गया और घर लौटने नहीं दिया गया। कई बार उनके परिवार ने घर लौटने की मांग की, लेकिन प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जांच करने के आदेश दिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला मानवाधिकार और श्रमिक सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि दोनों युवतियों को सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।
यह मामला राज्य और केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है कि कंपनी और फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
