खूंटी डबल मर्डर केस: नेहा और अरुण की हत्या का आरोप पति पर, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

खूंटी/लोहरदगा: झारखंड के खूंटी जिले में मिले दो शवों के मामले में पुलिस ने हत्या और अपहरण का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के चट्टी बड़गाईं गांव निवासी 25 वर्षीय नेहा और 21 वर्षीय अरुण राणा के शव शुक्रवार सुबह खूंटी थाना क्षेत्र के बारुडीह पंचायत स्थित तजना नदी पुल के नीचे मिले।

मृतका के परिजनों ने नेहा के पति कुंदन प्रामाणिक और उसके सहयोगियों पर दोनों के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया है। इस मामले में नेहा के पिता भोला ठाकुर और अरुण के पिता प्रकाश राम उस्ताद के बयान के आधार पर खूंटी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बेटे को शादी में लाने गई थी नेहा

परिजनों के अनुसार, नेहा की छोटी बहन की शादी होने वाली थी। गुरुवार शाम वह अपने पांच वर्षीय बेटे को शादी में शामिल कराने के लिए पड़ोसी अरुण राणा के साथ बाइक से गुमला जिले के करंज थाना क्षेत्र स्थित डोरिया गांव स्थित अपने ससुराल गई थी।

आरोप है कि पति कुंदन प्रामाणिक ने बच्चे को भेजने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों के बीच विवाद हुआ। नेहा ने इस संबंध में करंज थाना पहुंचकर पुलिस से मदद भी मांगी, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।

परिजनों का आरोप है कि लौटते समय कुंदन अपने तीन-चार साथियों के साथ स्कॉर्पियो से पहुंचा, बाइक को टक्कर मारकर दोनों को जबरन वाहन में बैठाया और उनका अपहरण कर लिया।

शादी के कार्ड से हुई दोनों की पहचान

परिजनों का आरोप है कि अपहरण के बाद दोनों को घाघरा गांव स्थित तजना नदी पुल के पास ले जाकर धारदार हथियार से हमला किया गया और बाद में पत्थर से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई।

शुक्रवार सुबह शव मिलने की सूचना पर पुलिस, एफएसएल टीम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से मिले एक शादी के कार्ड के आधार पर मृतकों की पहचान की गई, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।

पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

दहेज प्रताड़ना और दूसरी शादी के आरोप

नेहा के पिता भोला ठाकुर का आरोप है कि छह वर्ष पहले शादी के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इस संबंध में पहले भी मामला दर्ज कराया गया था।

उन्होंने बताया कि पति से विवाद के कारण नेहा पिछले तीन वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि कुंदन प्रामाणिक का दूसरी महिला से संबंध था और उसने संभवतः दूसरी शादी भी कर ली थी। उनका कहना है कि इसी कारण वह नेहा से छुटकारा पाना चाहता था।

वहीं अरुण के पिता प्रकाश राम उस्ताद ने कहा कि उनका बेटा केवल पड़ोसी होने के नाते नेहा की मदद के लिए गया था, लेकिन उसे भी अपनी जान गंवानी पड़ी।

स्कॉर्पियो बरामद, आरोपियों की तलाश जारी

एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को बुंडू क्षेत्र से बरामद कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!