चाईबासा: टाटा लीज नवीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विवादमुक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोल्हान आयुक्त रवि रंजन बिक्रम की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लीज क्षेत्र के सभी विवादित भूखंडों का भौतिक सत्यापन और आधुनिक तकनीक की मदद से डिजिटल मैपिंग कराने का फैसला किया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि लंबित भूमि विवादों का स्थायी समाधान होने तक टाटा लीज नवीकरण का अंतिम मसौदा तैयार नहीं किया जाएगा।
डिजिटल मैपिंग से भूमि विवादों के समाधान को मिलेगी गति
बैठक के दौरान कोल्हान आयुक्त रवि रंजन बिक्रम ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि लीज क्षेत्र के विवादित खाता और प्लॉटों की दोबारा पैमाइश कर आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटल नक्शा तैयार किया जाए। प्रशासन का मानना है कि इससे भूमि विवादों के स्थायी समाधान के साथ-साथ भविष्य में कानूनी जटिलताओं को भी कम किया जा सकेगा। बैठक में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम, उपायुक्त राजीव रंजन, एडीसी अनुराग तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समिति ने दोहराया कि सभी लंबित विवादों के निपटारे के बाद ही लीज नवीकरण का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
अतिक्रमण और भू-माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल मैपिंग और भौतिक सत्यापन से अवैध कब्जों, अतिक्रमण और भू-माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इसके लिए राजस्व अधिकारियों की विशेष टीम जल्द ही विवादित भूखंडों का स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन शुरू करेगी। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर समिति अपनी अंतिम अनुशंसा राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद टाटा लीज नवीकरण की प्रक्रिया अगले चरण में आगे बढ़ेगी।
नियोजित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राजस्व विभाग की विशेष टीम द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार को अंतिम अनुशंसा भेजी जाएगी। इसके बाद लीज नवीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल जमशेदपुर के नियोजित शहरी विकास और भविष्य की भूमि प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

