रांची: रांची स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस मामले में दावा किया गया है कि पैर में फ्रैक्चर होने के बाद भर्ती किए गए मरीज के इलाज में कथित लापरवाही बरती गई और इलाज के नाम पर करीब 22 लाख रुपये का बिल बनाया गया। बाद में मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
बताया जा रहा है कि लातेहार निवासी 18 वर्षीय राजू कुमार रंजन सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। करीब 40 दिन पहले उसे इलाज के लिए रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान संक्रमण फैलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज की समय पर ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे उसके पैर में संक्रमण फैल गया और बाद में स्थिति गंभीर हो गई।
उनका कहना है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने करीब 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया, लेकिन इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी।
मरीज की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण राजू कुमार रंजन की मौत हुई।
पोस्टमार्टम के जरिए मौत के कारणों की होगी जांच
परिजनों की मांग पर मृतक का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और यदि किसी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के उपायुक्त (DC) को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जांच रिपोर्ट सरकार को उपलब्ध कराई जाए।
अब इस पूरे मामले की जांच जिला प्रशासन की निगरानी में की जाएगी।
