रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आज से विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महापर्व और रथ मेला 2026 का शुभारंभ हो गया है। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा आज शाम 5 बजे निकलेगी। इसके लिए सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ने लगी। सुबह होते-होते दर्शन के लिए भक्तों की कतार करीब दो किलोमीटर लंबी हो गई।
सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और मंगल आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। बुधवार को भगवान के 15 दिनों के एकांतवास के बाद पारंपरिक नेत्रदान की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिला। मंदिर परिसर में 108 दीपों से भव्य मंगल आरती की गई और भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया। सुबह 5 बजे से शुरू हुआ दर्शन दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा।
रथ पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत कुल 13 लोग रहेंगे सवार
रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर कुल 13 लोग ही सवार रहेंगे। इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, एक अन्य न्यायाधीश, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव तथा चार पुजारी शामिल हैं।
दोपहर 2 बजे दर्शन बंद होने के बाद श्रीविग्रहों को रथ तक लाया जाएगा। 2:30 बजे भगवान को रथ पर विराजमान कराया जाएगा और इसके बाद विशेष श्रृंगार किया जाएगा। 3 बजे श्री विष्णु लक्षार्चना तथा 4:30 बजे अष्टकम गीता पाठ का आयोजन होगा।
शाम 5 बजे निकलेगी रथयात्रा, 25 जुलाई को होगी घुरती रथयात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा शुरू होगी। हजारों श्रद्धालु रथ खींचते हुए भगवान को मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। शाम 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा और 6:46 से 7 बजे के बीच भगवान का प्रवेश कराया जाएगा।
रात 8 बजे 108 दीपों से मंगल आरती के बाद भगवान का शयन कार्यक्रम होगा। रथयात्रा के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक रथ मेले की भी शुरुआत हो गई है। 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा के साथ भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे।
2000 पुलिस जवान, 215 सीसीटीवी और चार ड्रोन से सुरक्षा व्यवस्था
रथयात्रा और मेले को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 2000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। आयोजन समिति की ओर से 100 निजी सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ की निगरानी के लिए 215 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पूरे आयोजन पर चार ड्रोन से लगातार नजर रखी जा रही है।
25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू
रथयात्रा और मेले के मद्देनजर 16 जुलाई से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है।
- बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु शहीद मैदान में वाहन पार्क करेंगे।
- तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान पार्किंग स्थल बनाया गया है।
- रिंग रोड से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
- तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा मैदान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, बाइक और सवारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और सहयोग करने की अपील की है।

