झारखंड में ब्रेन मलेरिया का कहर: 72 घंटे में 4 बच्चों की मौत, 20 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती

BY Saksham Vidhu Pandey

जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते 72 घंटे के भीतर चार बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई है, जबकि 20 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें कई बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि जिला चिकित्सा पदाधिकारी ने सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर ब्रेन मलेरिया से केवल दो मौतों की पुष्टि की है।

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य अभियान भी शुरू किया गया है।

चार बच्चों की मौत से इलाके में दहशत

ब्रेन मलेरिया से जिन बच्चों की मौत की सूचना है, उनमें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा लखी सरदार, आठ वर्षीय राहुल सरदार, आठ वर्षीय सुबोला सरदार और सुबोली सरदार की एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार शामिल हैं। इन मौतों के बाद पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तेज बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने समय पर इलाज नहीं मिलने और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया है।

कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं समेत 9 नए मरीज मिले

स्वास्थ्य विभाग की जांच में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की तीन छात्राओं सहित नौ नए मरीजों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है। विद्यालय में एक साथ कई छात्राओं के संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू कर दिया है। छात्राओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी भी की जा रही है।

गंभीर मरीजों को एमजीएम अस्पताल किया गया रेफर

गंभीर रूप से संक्रमित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। इनमें एक वर्षीय बच्ची भी शामिल थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई मरीज तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी और दौरे जैसी गंभीर समस्याओं के साथ भर्ती हुए हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार मरीजों का उपचार कर रही है और गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य अभियान

स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है। प्रारंभिक चरण में 600 से अधिक लोगों की जांच की गई थी, जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 900 से अधिक हो गई। स्वास्थ्यकर्मी संभावित मरीजों की पहचान कर तत्काल इलाज सुनिश्चित करने में जुटे हैं। साथ ही ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।

900 से अधिक लोगों की जांच, 43 मरीज मिले पॉजिटिव

जिला चिकित्सा पदाधिकारी साहिर पॉल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 900 से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें 43 से अधिक लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।

उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मलेरिया के मामलों में वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण मच्छरों का प्रकोप है। उन्होंने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की।

ब्रेन मलेरिया से हुई मौतों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अब तक दो मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!