‘माइनिंग से माइंड’ की ओर बढ़ेगा झारखंड: उच्च शिक्षा, AI और तकनीकी संस्थानों को लेकर हेमंत सोरेन का बड़ा विजन

‘माइनिंग से माइंड’ की ओर बढ़ेगा झारखंड, उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के लिए हेमंत सोरेन ने पेश किया नया विजन

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और विभिन्न घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड को अब केवल ‘माइनिंग स्टेट’ नहीं, बल्कि ‘माइनिंग से माइंड’ की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, तकनीकी संस्थानों का सशक्तीकरण और आधुनिक कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) योजना के तहत अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 243 छात्र-छात्राओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 64 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। राज्य सरकार इन ऋणों पर बैंकों को पूर्ण गारंटी भी दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की उच्च शिक्षा में बाधा न बने।


छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना और अन्य छात्र कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी पात्र विद्यार्थियों तक इनका लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश भी दिया।


ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल यूनिवर्सिटी मॉडल पर फोकस

मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके, धनबाद से इसकी शुरुआत की जाएगी, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।


BIT सिंदरी को मिलेगा नया स्वरूप

बैठक में BIT सिंदरी को Unitary University के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने संस्थान का व्यापक डिजिटल प्रेजेंटेशन तैयार करने और आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही राज्य के 9 जिलों—पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज—में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।


कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी होगी सक्रिय

मुख्यमंत्री ने रोजगारपरक शिक्षा को व्यवस्थित करने के लिए 15 दिनों के भीतर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।


AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक कोर्स होंगे शुरू

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में AI, रोबोटिक्स, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं।

उन्होंने IIT मॉडल की तर्ज पर Council for Institutes of Eminence, Governing Council, Regional Cluster और Industrial Governing Body के गठन का भी निर्देश दिया।


झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की हुई शुरुआत

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को Artificial Intelligence (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाओं का नियमित मूल्यांकन किया जाए और शिक्षा को रोजगार तथा नवाचार से जोड़ा जाए।

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